उत्तराखंड पुलिस का ‘रील्स मास्टर , भदौड़ा कांड के बाद लाइन हाजिर, निलंबित करने की मांग
(दैनिक एनकाउंटर समाचार)
#हल्द्वानी । रविवार को दिनदहाड़े एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में कोतवाली में ज़ोरदार प्रदर्शन हुआ. मृतक के परिजनों के साथ ही कांग्रेस, यूकेडी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों ने गोलीकांड के लिए पुलिस को दोषी ठहराते हुए प्रदर्शन किया. लोगों के गुस्से को देखते हुए नैनीताल के एसएसपी ने हल्द्वानी कोतवाल विक्रम राठौर को हटाने का ऐलान कर दिया है. राठौर को लाइन हाज़िर कर दिया गया है।
पुलिस की लापरवाही
बता दें कि रविवार को हल्द्वानी के सिंधी चौराहे में दिनदहाड़े भुप्पी पांडे नाम के प्रॉपर्टी की डीलर को गोली मार दी गई. को गोली मारने का आरोप शिवसेना के दो पदाधिकारियों गौरव गुप्ता और सौरभ गुप्ता पर लगा. बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों का प्रॉपर्टी डीलर से विवाद चल रहा था जिसके चलते दोनों ने मिलकर इस गोलीकांड को अंजाम दिया है।
पुलिस ने रविवार को ही एक आरोपी गौरव गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया था. लेकिन मृतक प्रॉपर्टी डीलर के परिजनों का आरोप है कि यह हत्याकांड पुलिस की लापरवाही से हुआ है क्योंकि दोनों आरोपियों के ख़िलाफ़ पहले ही पुलिस में तहरीर दे रखी थी. पुलिस सतर्कता बरतती तो भुप्पी पांडे की हत्या नहीं होती।
निलंबित किए जाने की मांग
रविवार को लोग भुप्पी पांडे का शव लेकर कोतवाली पहुंच गए और शव रखकर पुलिस के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की. लोगों के आक्रोश के बारे में पता चलने पर नैनीताल एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने हल्द्वानी कोतवाली प्रभारी को लाइन हाज़िर कर दिया लेकिन लोग कोतवाल को निलंबित किए जाने की मांग पर अड़े रहे।
कौन है विक्रम राठौर
निरीक्षक विक्रम राठौर वही वर्दीधारी जो जनता की सुरक्षा करने के बजाय सोशल मीडिया पर फिल्मी गानों पर कमर मटकाने, रसूखदार डायलॉग मारने और लाखों फॉलोअर्स बटोरकर खुद को ‘सिंघम’ साबित करने में चौबीसों घंटे व्यस्त रहते हैं। लेकिन अब इस रील स्टार का रीयल (असली) चेहरा बेनकाब हो चुका है। काशीपुर के आईटीआई थाने से जुड़े वेस्ट यूपी और उत्तराखंड के कुख्यात माफिया योगेश भदौड़ा प्रकरण में जैसे ही विक्रम राठौर का नाम मुख्य आरोपी और मददगार के रूप में सामने आया।
वर्दी पहनने का नियम
उत्तराखंड सोशल मीडिया पुलिस नियमावली साफ है कि कोई भी दरोगा या पुलिस की वृद्धि धारी फेसबुक या व्हाट्सएप पर वर्दी में स्टेटस या रेल नहीं लगा बना सकते लेकिन उत्तराखंड में कहीं ऐसे दरोगा और इंस्पेक्टर हैं जो अपनी हनक में रेल बनाकर वह वाही लूटने में लगे हैं।
