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RSS प्रचारक से राजस्थान BJP के रणनीतिकार तक,कौन हैं अजेय कुमार?
(विकास गर्ग)
देहरादून। राजस्थान BJP की सियासत में सोमवार को बड़ा उलटफेर हुआ। पार्टी आलाकमान ने संगठन में कसावट लाने के लिए अजेय कुमार को राजस्थान का प्रदेश संगठन महामंत्री नियुक्त कर दिया। BJP के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी पत्र के बाद मरुधरा की राजनीति गरमा गई है। खास बात ये कि जिस समय ये आदेश जारी हुआ, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद दिल्ली में मौजूद थे।
कौन हैं अजेय कुमार?
मूल रूप से सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले अजेय कुमार ने अपना सार्वजनिक जीवन RSS के पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में शुरू किया था। संघ में लंबा जमीनी अनुभव रखने वाले अजेय कुमार उत्तराखंड में श्रीनगर, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर के जिला प्रचारक और अल्मोड़ा के विभाग प्रचारक रह चुके हैं। पहाड़ से लेकर मैदान तक की सियासी नब्ज पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
UP से उत्तराखंड तक का ट्रैक रिकॉर्ड
उत्तराखंड जाने से पहले अजेय कुमार पश्चिम यूपी यानी मेरठ मंडल में BJP के महामंत्री संगठन का दायित्व संभाल चुके हैं। पश्चिम UP की जटिल जातीय और सियासी गणित को साधने में उनकी भूमिका अहम रही। सितंबर 2019 में उन्हें प्रमोट कर उत्तराखंड BJP का प्रदेश महामंत्री संगठन बनाया गया। वहां सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल और कैडर को एकजुट रखने के लिए उनकी कार्यशैली की तारीफ होती रही है।
अब राजस्थान क्यों?
आलाकमान ने अजेय कुमार के इसी ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें राजस्थान की कमान सौंपी है। मिशन साफ है – 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले बूथ मैनेजमेंट, सदस्यता अभियान और गुटबाजी पर लगाम लगाकर संगठन को धारदार बनाना।
कितना पावरफुल है ये पद?
BJP में प्रदेश संगठन महामंत्री को पार्टी की ‘रीढ़’ कहा जाता है। प्रदेश अध्यक्ष राजनीतिक चेहरा होते हैं, लेकिन असली रणनीति, बूथ प्रबंधन, प्रशिक्षण, विस्तार और चुनावी तैयारियों की कमान संगठन महामंत्री के हाथ में होती है। सरकार और संगठन के बीच सेतु का काम भी यही पद करता है। जमीनी फीडबैक सीधे दिल्ली तक पहुंचाना इनकी जिम्मेदारी होती है।
विवाद भी जुड़ा है नाम से
अजेय कुमार का नाम उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में भी सामने आ चुका है। विपक्ष उस दौरान लगातार उन पर सवाल उठाता रहा। हालांकि BJP ने तब भी उनका बचाव किया था। अब राजस्थान में नियुक्ति के बाद विपक्ष इस मुद्दे को फिर हवा दे सकता है।
उत्तराखंड पर भी असर
अजेय कुमार के राजस्थान जाने के बाद अब उत्तराखंड BJP को भी नया संगठन महामंत्री मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक जल्द नए प्रदेश प्रभारी की घोषणा भी हो सकती है। इसके बाद प्रदेश मीडिया टीम में भी बदलाव तय माना जा रहा है। हाल ही में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष के उत्तराखंड दौरे में मीडिया टीम के कामकाज पर नाराजगी जताई गई थी और ज्यादा मेहनत के निर्देश दिए गए थे।
सियासी मायने
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भजनलाल सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बैठाने के लिए ही दिल्ली ने ये दांव चला है। अजेय कुमार की नियुक्ति से साफ है कि आलाकमान राजस्थान को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। अब देखना होगा कि ‘पहाड़ के प्रचारक’ मरुधरा की सियासी तपिश में कितना कमाल दिखाते हैं।
